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???? विंध्य क्षेत्र की राजनीति में आया बड़ा भूचाल! ????

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???? विंध्य क्षेत्र की राजनीति में आया बड़ा भूचाल! ????

पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने 'अपना दल (एस)' से नाता तोड़कर 'विंध्य समता समाज पार्टी' का गठन कर लिया है! राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही उन्होंने आगामी चुनावी गणित को पूरी तरह से गरमा दिया है।

क्या पकौड़ी कोल का यह फैसला पूर्वांचल के राजनीतिक समीकरण बदल देगा?

 

 

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आचार्य रामचंद्र शुक्ल की जयंती 26 को मनायी जायेगी

    मिर्जापुर। हिन्दी के साहित्य मनीषी मूर्धन्य विद्वान आचार्य रामचंद्र शुक्ल की 142 वीं जयंती  आगामी 26 अक्टूबर, सोमवार को रमईपट्टी स्थित उनके विद्यालय रामचंद्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान में दोपहर दो बजे से मनायी जायेगी। इससे पूर्व प्रात: आठ बजे बरौंधा कचार स्थित उनकी मूर्ति पर  माल्यार्पण किया जायेगा। दोपहर के गोष्ठी समारोह में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार श्री दयाशंकर मिश्र होंगे। विशिष्ट अतिथि नगर विधायक श्री रत्नाकर मिश्र व नगरपालिका अध्यक्ष श्री श्याम सुन्दर केसरी होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अनुज प्रताप सिंह करेंगे। आचार्य शुक्ल का जन्म बस्ती जिला के अगौना ग्राम में सन् 1884 में हुआ था। रमईपट्टी मिर्जापुर उनकी कर्मस्थली रही।

............. बदली कटरा में अशोक केशरवानी संतोष केशरवानी,द्वारा भब्य भंडारे का आयोजन किया गया। माँ दुर्गा जी के बिदाई समारोह के पश्चात बिगत कई वर्षों से भंडारे का आयोजन किया जा रहा है दोपहर से चल रहे इस भंडारे में हजारों लोग भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते है। केसरवानी समाज के नेता अशोक केशरवानी ने इस भंडारे के बारे में बताया कि यह माँ विंध्याचली और भोलेनाथ का आशीर्वाद है जो हमारे पुस्तैनी मकान के सामने स्थित प्रभु के दरबार को सजाने सवारने का अवसर बिगत कई वर्षों से मिलता चला आ रहा है।

..................... मिर्जापुर रोडवेज परिसर में जनसुविधाओं का अभाव, शौचालय से लेकर पेयजल तक की समस्या। महिला यात्रियों के लिए शौचालय नहीं, प्याऊ की व्यवस्था भी बदहाल; भीषण परेशानी झेलने को मजबूर यात्री, मिर्जापुर। नगर के रोडवेज परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी बुनियादी व्यवस्थाओं का अभाव देखने को मिल रहा है। परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसों का ठहराव होता है और सैकड़ों यात्री आवागमन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद जनसुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे बड़ी समस्या महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं होना है। पूरे परिसर में महिलाओं के लिए अलग शौचालय उपलब्ध नहीं होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। परिसर में प्रतिदिन सौ से अधिक बसों के ठहराव के बावजूद शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। बताया जा रहा है कि पूरे परिसर में केवल एक ही लैट्रिन मौजूद है, जो यात्रियों की जरूरतों के लिहाज से नाकाफी है। ऐसे में यात्रियों को दैनिक जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ता है। वहीं, रोडवेज परिसर में बसों के स्टाफ के आराम करने के लिए बने कमरे की हालत भी जर्जर बताई जा रही है। कमरे में पंखे की व्यवस्था नहीं होने से कर्मचारियों को आराम करने में दिक्कत होती है। इससे परिसर में सुविधाओं की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पेयजल का इंतजाम नहीं, प्यासे रहने को मजबूर गरीब यात्री रोडवेज परिसर में सबसे गंभीर समस्याओं में से एक पेयजल की व्यवस्था का अभाव है। परिसर में पानी की टंकी तो बनी हुई है, लेकिन उसमें पानी उपलब्ध नहीं है। इसके चलते यात्रियों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। बाहर से पानी की बोतल खरीदने में असमर्थ गरीब यात्रियों के लिए यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। कई यात्रियों को मजबूरी में प्यासे ही सफर करने की स्थिति का सामना करना पड़ता है। रोडवेज जैसे सार्वजनिक परिवहन केंद्र पर शौचालय, स्वच्छ पेयजल और आराम करने जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। ऐसे में परिसर की बदहाल व्यवस्थाएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही हैं। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग इस ओर ध्यान दे और महिलाओं, आम यात्रियों तथा बस स्टाफ की समस्याओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए, ताकि रोडवेज परिसर में जनसुविधाएं बेहतर हो सकें।

................. खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक निर्वाचन-2026 के मतदान हेतु पोलिंग पार्टियां हुई रवाना-जिलाधिकारी ने तैयारियों के दृष्टिगत किया निरीक्षण मीरजापुर 22 अक्टूबर 2026- खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र उत्तर प्रदेश विधान परिषद द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को सकुशल सम्पन्न कराने के दृष्टिगत लिए आज राजकीय इण्टर कालेज महुवरिया प्रांगण से पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। पोलिंग पार्टियों के रवाना एवं सकुशल पहुंचने के दृष्टिगत जिला निर्वाचन अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने राजकीय इण्टर कालेज पहुंचकर निर्वाचन से सम्बन्धित पोलिंग पार्टियों की रवानगी स्थल का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदान कार्मिकों को निर्देशित करते हुए कहा कि समय से अपने-अपने मतदान केन्द्रों पर पहुंचकर मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष व शान्तिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न काएं इस दौरान मतदान केन्द्रों के लिए तैनात किए गए सेक्टर मजिस्ट्रेट व सुरक्षा कार्मियो मतपत्र, मतपेटी व अन्य निर्वाचन सामाग्री के साथ रवानगी की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने जानकारी देते हुए बताया कि खण्ड स्नातक निर्वाचन के लिए 30 मतदेय स्थल व 18 मतदान केन्द्र है, जिसमें से 14 मतदेय स्थल/मतदान केन्द्र पर शिक्षक निर्वाचन के लिए बनाए गए है। उन्होंने बताया कि आज पोलिंग पार्टियों की रवानगी की गई, सभी मतदान केन्द्रों को सेक्टर बनाया गया है जहां पर सेक्टर मजिस्ट्रेट रहेंगे उसके अलावा जोनल मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है, विभिन्न व्यवस्थाओं के सम्बंध में भी नोडल अधिकारी भी लगाए गए है। उन्होंने बताया कि पार्टी रवानगी के समय सभी पार्टियों को आवश्यक मतदान सामाग्री/प्रपत्र उपलब्ध कराए गए है। उन्होंने बताया कि सभी पार्टियों को निर्देशित किया गया है कल दिनांक 23 अक्टूबर 2026 को समय से मतदान की प्रक्रिया प्रारम्भ करा दी जायेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक मतदेय स्थलों पर माइक्रो आब्जर्वर की भी तैनाती की गई है जो अपनी रिपोर्ट प्रेक्षक को भेंजेगे, शान्ति व्यवस्था के दृष्टिगत पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद में सकुशल व शान्तिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधान परिषद के वाराणसी खण्ड शिक्षक/स्नातक के मतदान में निर्वाचन आयोग के द्वारा फोटो पहचान पत्र जारी किए गए है जो अपनी पहचान सिद्ध करने के लिए मत देने से पूर्व अपना मतदाता फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा तथापि वे निर्वाचक जो अपना निर्वाचन फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं कर पाते है, उन्हें अपनी पहचान स्थापित करने के लिए 1-आधार कार्ड, 2-ड्राईविंग लाइसेंस, 3-पैन कार्ड, 4-भारतीय पासपोर्ट, 5-राज्य/केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, स्थानीय निकायों या अन्य निजी औद्योगिक घरानों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए सेवा पहचान पत्र, 6-मा0 सांसदों/विधायकों/पार्षदों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र, 7-शैक्षिक संस्थाओं जिसमें सम्बन्धित शिक्षक/स्नातक-क्षेत्र का निर्वाचक नियोजित हो द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र, 8-विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री/डिप्लोमा का मूल प्रमाण पत्र, 9-समक्ष प्राधिकारी द्वारा दिव्यांगता सम्बंधी मूल प्रमाण पत्र तथा यूनिक डिसएबिलिटी आई0डी0 (यू0डी0आई0डी0) कार्ड, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी कार्ड में से कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। .................... मिर्जापुर में चकबंदी अधिकारी पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, जिलाधिकारी से शिकायत, मिर्जापुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मड़िहान क्षेत्र में तैनात सहायक चकबंदी अधिकारी पर जमीन की चकबंदी के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर एक बुजुर्ग पेंशनर ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पूरा मामला मिर्जापुर जनपद के सदर तहसील अंतर्गत बिरोरा गांव का है। यहां के निवासी ओमप्रकाश दुबे ने जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी सावित्री देवी के नाम मड़िहान तहसील के रैकल गांव में कृषि भूमि दर्ज है। यह भूमि चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, गाटा संख्या 607, 611, 639, 640, 676 और 686 सहित कुल छह गाटों में करीब दो बीघा 14 बिस्वा कृषि योग्य भूमि है। आरोप है कि चक काटने के नाम पर संबंधित सहायक चकबंदी अधिकारी रामभरोसे द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि रुपये नहीं देने पर पत्थर वाली जमीन पर चक बनाने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह रिश्वत नहीं देना चाहते और उन्होंने इस मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। ओमप्रकाश दुबे ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारी का पक्ष और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया फिलहाल सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और जांच में लगाए गए आरोपों की क्या सच्चाई सामने आती है। फिलहाल, मामला शिकायत के आधार पर है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ...................... वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी, मतदान को लेकर सरगर्मी तेज कछवा। वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक विधान परिषद एमएलसी चुनावों के लिए विकास खंड मझवां व आदर्श नगर पंचायत कछवां में प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को होने वाले मतदान को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। स्नातक चुनाव: चार बूथों पर 2517 मतदाता करेंगे भाग्य का फैसला विकास खंड मझवां के सभागार व कछवा के सामुदायिक भवन में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए कुल चार बूथ बनाए गए हैं। तीन बूथ ब्लॉक परिसर में तथा एक बूथ नगर पंचायत परिसर में बनाया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार - - बूथ संख्या 243 (ब्लॉक परिसर): 510 मतदाता - बूथ संख्या 244 (ब्लॉक परिसर): 926 मतदाता - बूथ संख्या 245 (नगर पंचायत सामुदायिक भवन): 950 मतदाता - बूथ संख्या 246 (शिक्षक निर्वाचन): 131 मतदाता इस प्रकार स्नातक के कुल 2386 और शिक्षक के 131 मतदाता, कुल 2517 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बूथ पर तैनात पीठासीन अधिकारी अमित मिश्रा ने बताया कि स्नातक में 1436 व शिक्षक में 131 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं कछवां नगर पंचायत बूथ संख्या 245 पर तैनात पीठासीन अधिकारी विमल प्रकाश ने बताया कि यहां 950 मतदाता अपने पसंद के उम्मीदवार के भाग्य का फैसला करेंगे। शिक्षक निर्वाचन: ब्लॉक कार्यालय में बनेगा मतदान केंद्र शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए ब्लॉक परिसर कार्यालय में मतदान केंद्र बनाया गया है, जहां 131 शिक्षक मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। प्रशासन सतर्क, सुरक्षा के कड़े इंतजाम चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सेक्टर मजिस्ट्रेट कमलेश कुमार की देखरेख में मतदान केंद्रों पर सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त की जा रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी पूरी तरह तैनात कर दिया गया है ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। .................... वाराणसी/दिनांक 22 अक्टूबर, 2026 (सू०वि०) स्नातक व शिक्षक एमएलसी चुनावों में अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा मतदान करने पर होगी कड़ी कार्रवाई, मंडलायुक्त ने दिए निर्देश वाराणसी। स्नातक एवं शिक्षक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मंडलायुक्त / रिटर्निंग ऑफिसर एस राजलिंगम ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति द्वारा मतदान करने अथवा मतदान की व्यवस्था में अनियमितता करने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मतदान केंद्रों पर निर्वाचन संबंधी नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। मतदाताओं की पहचान का विधिवत सत्यापन करने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र एवं अधिकृत मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तथा आवश्यक प्रशासनिक प्रबंधों को भी प्रभावी बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्र ..................... योगी सरकार के दसवें दीपोत्सव की तैयारी तेज, 30 लाख दीपों से जगमगाएगी रामनगरी सरयू तट के 56 घाटों पर शुरू हुई मार्किंग, शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होगा भूमि पूजन दीप सज्जा के लिए 33 लाख दीपों की व्यवस्था, तीन से चार दिन में पूरी होगी मार्किंग अवध विश्वविद्यालय जुटाएगा 35 हजार वालंटियर, घाटवार सौंपी जाएगी जिम्मेदारी अयोध्या, 22 अक्टूबर। रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भव्य दीपोत्सव के लिए तैयार हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए सरयू तट पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस बार 56 घाटों पर 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए घाटों की साफ-सफाई के बाद मार्किंग का काम शुरू हो चुका है। दीपों की सजावट से लेकर स्वयंसेवकों की तैनाती तक की तैयारियां योजनाबद्ध तरीके से की जा रही हैं। दीपोत्सव की शुरुआत के लिए शुक्रवार को भूमि पूजन होगा। 30 लाख दीपों के लक्ष्य के लिए मंगाए जा रहे 33 लाख दीप डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एवं दीपोत्सव के नोडल अधिकारी प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि दीपों को लाने और बिछाने के दौरान कुछ दीप टूट जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए 30 लाख दीप प्रज्ज्वलित करने के लक्ष्य के मुकाबले 33 लाख दीप मंगाए जा रहे हैं। घाटों की साफ-सफाई के बाद योजनाबद्ध तरीके से मार्किंग शुरू कर दी गई है। घाटों पर इस्तेमाल होने वाली सामग्री नगर निगम के रानी हो पार्क के पास रखवाई जा रही है, ताकि तैयारियों को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सके। शुक्रवार सुबह घाट संख्या 10 पर होगा भूमि पूजन दीपोत्सव के सकुशल और निर्विघ्न आयोजन की कामना के साथ अवध विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह 7:30 बजे सरयू तट स्थित घाट संख्या 10 पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन किया जाएगा। अनुष्ठान कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह के कर-कमलों से संपन्न होगा। इसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और समन्वयक शामिल होंगे। 56 घाटों पर माइक्रो-प्लानिंग से सजेंगे दीप इस वर्ष विस्तारित राम की पैड़ी, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल सहित कुल 56 घाटों पर दीप सजाए जाएंगे। इससे पहले दीपोत्सव का आयोजन 55 घाटों पर होता था। प्रो. संत शरण मिश्र ने बताया कि सभी घाटों पर दीयों की व्यवस्थित श्रृंखला बिछाने के लिए माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम किया जा रहा है, ताकि तय समयसीमा में तैयारियां पूरी की जा सकें। मार्किंग कमेटी के संयोजक एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि दीपों को सटीक और आकर्षक स्वरूप में सजाने के लिए चार वर्ग फीट के ब्लॉक चिह्नित किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में निर्धारित संख्या के अनुसार दीपों की सजावट का खाका तैयार किया जा रहा है। उनकी टीम अगले तीन से चार दिनों में मार्किंग का काम पूरा कर लेगी। 35 हजार वालंटियर संभालेंगे दीप सज्जा की जिम्मेदारी दीपोत्सव को सफल बनाने के लिए 35 हजार वालंटियर लगाए जाएंगे। इनमें 30 डिग्री कॉलेजों, 40 इंटर कॉलेजों और अवध विश्वविद्यालय परिसर के विद्यार्थी शामिल होंगे। साकेत महाविद्यालय, राजकरण वैदिक पाठशाला इंटर कॉलेज, साहबदीन सीताराम इंटर कॉलेज, मनोहर लाल इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शिव सावित्री महाविद्यालय, कैनोसा इंटर कॉलेज, ग्रामर इंटरनेशनल स्कूल, एमआर जयपुरिया स्कूल, बीएस गर्ल्स डिग्री कॉलेज और भगवान आशा बख्श सिंह महाविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी इसमें भागीदारी करेंगे। वालंटियर घाटों पर दीप बिछाने से लेकर उन्हें प्रज्ज्वलित करने तक की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। घाटवार जिम्मेदारियां तय की जाएंगी, जिससे दीप सज्जा का काम व्यवस्थित ढंग से पूरा हो सके। क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र से होगी वालंटियर की पहचान लाखों दीप प्रज्ज्वलित कर विश्व कीर्तिमान बनाने की तैयारी के बीच स्वयंसेवकों का ऑनलाइन पंजीकरण अंतिम चरण में है। पंजीकरण पूरा होने के बाद वालंटियर को घाटवार जिम्मेदारियां और पहचान पत्र सौंपे जाएंगे।क्यूआर कोड युक्त पहचान पत्रों पर नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, तैनाती स्थल और क्रमांक अंकित रहेगा। इन पर जिला प्रशासन के प्राधिकृत अधिकारी, दीपोत्सव नोडल अधिकारी और संबंधित संस्था के अधिकृत प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी होंगे। इससे स्वयंसेवकों की पहचान का सत्यापन आसान होगा और डुप्लीकेसी रोकने में मदद मिलेगी।अवध विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन दीपों की उपलब्धता, घाटों की व्यवस्था, स्वयंसेवकों की तैनाती और सुरक्षा सहित सभी पहलुओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। दसवें दीपोत्सव में 30 लाख दीपों से सरयू तट को रोशन करने के लक्ष्य के साथ तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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