मिर्जापुरःआदर्श नगर पंचायत स्थित मछली मंडी के पास तिरुपति से आ रही कार का टायर पंचकर होने से ऑटो से हुई टक्कर, महिलाएं और बच्चियों घायल।
........................... अदलहाट। अज्ञात ट्रक की चपेट में आने से कल रात एक 30वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
........................... बेर के पेड़ से गिरने से किसान की हुई मौत , परिजनों में कोहराम ड्रमंडगंज। ड्रम़डगंज थाना क्षेत्र के महोगढ़ी गांव में रविवार शाम को बगीचे में बेर का फल तोड़ रहा किसान अचानक पेड़ से नीचे गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी होने पर परिजन उपचार हेतु निजी अस्पताल में ले गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। महोगढ़ी गांव निवासी किसान शिवराज सिंह (55) रविवार शाम को अपने खेत के पास बगीचे में बेर का फल तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़े थे अचानक पैर का संतुलन बिगड़ने से पेड़ से नीचे गिर पड़े।घटना की जानकारी होने पर परिजन आनन फानन में उपचार हेतु एक निजी अस्पताल में ले गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।मृत किसान के पुत्र अरूण कुमार सिंह की सूचना पर पुलिस ने घटना की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृत किसान को तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। पत्नी गीता देवी व स्वजनों का रो रोकर बुरा हाल है।इस संबंध में थानाध्यक्ष ड्रमंडगंज भारत सुमन ने बताया कि बेर का फल तोड़ने के दौरान पेड़ से गिरने से किसान की मृत्यु हो गई है। घटना की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
................................. मिर्जापुर - दिनांक 02 फरवरी 2026 की पुण्य तिथि पर याद किए गए आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।आचार्य रामचन्द्र शुक्ल स्मारक शिक्षण संस्थान की ओर से - बरौंधा कचार स्थित आचार्य रामचन्द्र शुक्ल पार्क में आचार्य रामचन्द्र शुक्ल जी के प्रतिमा पर श्री श्यामसुंदर केसरी नगरपालिका अध्यक्ष ने माल्यार्पण करके 85 वीं पुण्य तिथि मनाई गई उन्होंने वक्तब्य में कहा कि हमारा सौभाग्य है कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल जैसे महान साहित्यकार ने मिर्जापुर को अपना कार्य क्षेत्र बनाया उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। संस्था के प्रबंधक आचार्य शुक्ल जी के पौत्र राकेश चंद्र शुक्ल ने कहा कि समाज के अमूल्य,हिंदी साहित्य के पुरोधा थे आचार्य रामचन्द्र शुक्ल! अनुज प्रताप सिंह समाजसेवी ने कहा कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने विपरीत परिस्थितियों में भी हिंदी साहित्य का इतिहास लिखने का कार्य किया जो प्रशंसनीय, सराहनीय है। रमेश चंद्र दुबे,समाजसेवी ने कहा कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल सच्चे राष्ट्रवादी भी थे। गुलाव सिंह गहरवार ने कहा कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल हिंदी जगत में न अस्त होने वालें मार्तंड थे। हौसला प्रसाद मिश्र समाजसेवी ने कहा कि आचार्य रामचन्द्र शुक्ल जी ने हिंदी विधा में जो योगदान दिया उसी का प्रतिफल है - जो आज भी हिंदी विकास की ओर अग्रसर है। इस अवसर पर आशीषचंद्र शुक्ल प्रधानाचार्य, पं नरेश शर्मा,देवी प्रसाद तिवारी, आनंद अमित प्रजापति,कवि साहित्यकार,विजय प्रजापति सभासद, मानस मोहल्ले अशर्फी लाल पटवा, इंद्रजीत शुक्ल,अमरनाथ सिंह वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा आदि गण मान्य लोग आचार्य शुक्ल जी को भावमिनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
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