प्रदेश सरकार ने पीसीएस जे के पदों पर भर्ती के लिए तीन साल वकालत का अनुभव अनिवार्य
कैबिनेट ने इसके लिए उप्र न्यायिक सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी है।
यह संशोधन हाईकोर्ट की संस्तुति के आधार पर किया गया है।
सरकार ने इसमें संशोधन कर दिया है
अब पीसीएस (न्यायिक) सेवा की सीधी भर्ती में तीन साल की वकालत की अनिवार्यता का प्रावधान कर दिया गया है
शैक्षिक योग्यता से संबंधित नियम 11 के अंतर्गत यह जोड़ा गया है।
इन पदों पर भर्ती के लिए पहले सिर्फ विधि स्नातक होना पर्याप्त था।
सुप्रीम कोर्ट ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की परीक्षाओं में तीन साल का अनुभव अनिवार्य किया था।
इसे सभी हाईकोर्ट और राज्य सरकारों से अपने यहां लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
इसीलिए राज्य सरकार ने यह संशोधन किया है।
.................. शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 के मुख्य समाचार
.................. UGC में याचिकाकर्ता अधिवक्ता विनीत जिंदल ने बताया कि - UGC का ये मामला अब एक या दो महीने में ही हल नहीं होने वाला - ये पूरा प्रकरण कोर्ट में 1-2 साल तक भी खिंच सकता है। हालांकि सरकार चाहे तो पहले भी हो सकता है। लेकिन इसकी संभावना कम है - कोर्ट में कल सुनवाई के दौरान सरकार पूर्णतः न्यूट्रल थी। सुप्रीम कोर्ट ने ना सिर्फ नए नियमों पर स्टे किया है बल्कि इस पूरे मामले में फटकार भी लगाई है - संभावना है कि आज नहीं तो कल जब भी अब UGC के नए नियम आएँगे वो सबके साथ न्याय करने वाले ही होंगे। मामला कोर्ट की निगरानी में रहेगा। .................... बिग ब्रेकिंग न्यूज़
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