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मुकुट पूजन एवं नारद मोह मंचन से शुरू हुई विन्ध्य धाम की सुप्रसिद्ध प्राचीन रामलीला मंचन 

मुकुट पूजन एवं नारद मोह मंचन से शुरू हुई विन्ध्य धाम की सुप्रसिद्ध प्राचीन रामलीला मंचन 

रामलीला मंचन देखने उमड़े नर नारी एवं बच्चे, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद इंतजाम 

विंध्याचल । श्री विंध्य प्राचीन रामलीला समिति के तत्वावधान में स्व. रविंद्र नाटक की रामलीला मंचन के प्रथम दिन मंचन देखने दर्शकों का हुजूम उमड़ा। विंध्य क्षेत्र के मोतीझील मार्ग स्थित भंडारा स्थल परिसर में भव्य रामलीला का शुभारंभ मंगलवार की सात बजे समिति के अध्यक्ष संगम लाल त्रिपाठी एवं समस्त पदाधिकारी एवं सदस्यों द्वारा मुकुट पूजन किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि पूर्व सभासद घटा त्रिपाठी ने फीता काट कर विधि-विधान पूर्वक भगवान शिव शंकर जी एवं माता पार्वती जी का पूजन-अर्चन व भव्य आरती कर किया। भगवान शिव जी द्वारा माता पार्वती जी को कथा एवं नारद मोह का भव्य मंचन किया गया। मंगलवार को नारद मोह का मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। नारद की तपस्या को देख भगवान इंद्र को अपना सिंहासन हिलता महसूस होता है। ऐसे में भगवान इंद्र उनकी तपस्या भंग करने के लिए कामदेव को भेजते हैं। लेकिन कामदेव अपने चाल में कामयाब नहीं होते हैं और नारद से पराजित हो जाते हैं। कामदेव को पराजित करने के बाद नारद भगवान शंकर के पास जाते हैं और पूरा वृत्तांत भगवान शंकर के सामने सुनाते हैं। जिसपर भगवान शंकर उनसे कहते हैं कि हे नारद जो प्रसंग आपने ने मुझे सुनाया वह विष्णु को मत बताना। जिसके बाद नारद अपने वाक्य नारायण-नारायण करते हुए भगवान विष्णु के पास जाते हैं और पूरा प्रसंग उन्हें सुना देते हैं। भगवान विष्णु एक सुंदर महल बनाकर विश्वमोहिनी को उसमें रहने के लिए भेज देते हैं। उधर से गुजरते वक्त नारद विश्वमोहिनी की हस्तरेखा देखते हैं जिसमें लिखा रहता है कि उससे शादी करने वाला अमर हो जाएगा। तब नारद सोचते हैं कि क्यों न वे खुद उससे शादी कर लें। उनकी मंशा भांप भगवान विष्णु उनका पूरा शरीर तो सुंदर बना देते हैं और मुंह बंदर का। हर्ष से पुलकित नारद विश्वमोहिनी के सामने पहुंचते हैं। वे विश्वमोहिनी के आगे पीछे घूमने लगते हैं। जब विश्वमोहिनी की नजर पड़ती है तो वह उनके मुख के बनावट को देख ठहाका लगाकर हंसने लगती है। अपने साथ छल की बात सोच नारद जब पानी में झांककर अपना मुख देखते हैं तो उन्हें गुस्सा आता है और विष्णु को शाप दे देते हैं। कहते हैं कि हे भगवान अगर मुझे बानर मुख दिया है तो यही बानर आप अपने पत्नी के वियोग में भटकोगे तो आपको सहयोग करेंगे यहीं पर रामलीला का समापन होता है। व्यास की भूमिका में गोपीनाथ मिश्रा ने किया मंच का संचालन आदर्श उपाध्याय ने किया धाम चौकी प्रभारी दयाशंकर ओझा दल बल के साथ तैनात रहे तथा सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए । इस दौरान समिति के अध्यक्ष संगम लाल त्रिपाठी, मंत्री इंद्र प्रसाद मिश्रा सह निर्देशक प्रशांत द्विवेदी संरक्षक प्रकाश चन्द्र पांडेय, उपाध्यक्ष रामेश्वर त्रिपाठी, उपाध्यक्ष पशुपतिनाथ मिश्रा,कोषाध्यक्ष विक्रम मिश्रा निशु , रवि प्रकाश मिश्रा सह मंत्री कमल मिश्रा निरीक्षण लव दूबे मीडिया प्रभारी संतोष कुमार तथा समिति के प्रमुख रूप से देवी दीक्षित, शिखर गिरी,मनोज शर्मा , मुकेश मिश्रा, गिरजेश द्विवेदी, अभिषेक पाण्डेय,उतम पांडेय सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

श्री विंध्य प्राचीन रामलीला समिति मीडिया प्रभारी
संतोष कुमार उर्फ रिंकू

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