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दो तीन दिनों में मोदी मंत्रिमंडल का पुनर्गठन/विस्तार का होमवर्क चालू आहे, टीएमसी और शिवसेना उद्धव के बागी गुटों को केंद्र की सरकार में लाने की योजना....मोदी मंत्रिमंडल से बीजेपी के आधा दर्जन मंत्री बि

दो तीन दिनों में मोदी मंत्रिमंडल का पुनर्गठन/विस्तार का होमवर्क चालू आहे, टीएमसी और शिवसेना उद्धव के बागी गुटों को केंद्र की सरकार में लाने की योजना....मोदी मंत्रिमंडल से बीजेपी के आधा दर्जन मंत्री बिदाई विश्राम प्राप्त करेंगे!

............................................. इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में देरी पर उत्तर प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई। सरकार को चुनाव की समय-सीमा बताते हुए विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश। कोर्ट ने चेतावनी दी—जवाब न देने पर संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होना होगा। धारा 12(3-ए) के तहत प्रशासक नियुक्ति को पहले ही असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद उसी आधार पर आदेश जारी करने पर कोर्ट ने सवाल उठाया। ओबीसी आयोग को पक्षकार बनाने और उसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश। याचिका में 25 और 26 मई 2026 के सरकारी आदेशों को चुनौती दी गई है। सरकार ने दलील दी—ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने तक चुनाव संभव नहीं। कोर्ट ने कहा—आयोग सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बना, फिर भी रिपोर्ट लंबित क्यों? राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया—10 जून 2026 को मतदाता सूची प्रकाशित, चुनाव के लिए तैयार। राज्य सरकार की तैयारियों के अभाव में चुनाव प्रक्रिया रुकी हुई। कोर्ट ने कहा—असंवैधानिक प्रावधान पर आधारित आदेश शून्य और अस्तित्वहीन हैं। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाकर बनाए रखना कानूनन उचित नहीं। कोर्ट ने अंतिम मौका देते हुए विस्तृत हलफनामा मांगा। अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026, दोपहर 2 बजे तय। मामला संविधान के अनुच्छेद 243E और 243K से जुड़ा, जो पंचायत कार्यकाल और निर्वाचन आयोग की स्वायत्तता से संबंधित है

............................. मिर्जापुर: विजयपुर कोठी विवाद में 'सेटल्ड पजेशन' बना माधवी सिंह का कवच, जबरन बेदखली गैर-कानूनी; दोषियों पर FIR की मांग मिर्जापुर (गैपुरा)। विजयपुर कोठी में दशकों पुराने पुश्तैनी कब्जे को बाहुबल से हटाने के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार 'सेटल्ड पजेशन' (स्थापित पुश्तैनी कब्जा) के कड़े नियमों के तहत यदि कोई परिवार किसी संपत्ति पर 12 वर्षों से अधिक समय से निर्विवाद और शांतिपूर्ण रूप से रह रहा है, तो मूल मालिक भी उसे बलपूर्वक या रातों-रात बाहर नहीं निकाल सकता। जानकारों का सवाल है कि यदि विपक्ष का जमीन पर कोई दावा था, तो वे इतने दशकों तक चुप क्यों रहे? कानूनन किसी भी व्यक्ति को हटाने के लिए केवल न्यायालय के 'इविक्शन सूट' (Eviction Suit) का ही रास्ता मान्य है। लाठी और गुंडों के बल पर घर से सामान फेंकना पूरी तरह गैर-कानूनी और संज्ञेय अपराध है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा की मांग मामला मिर्जापुर पुलिस और जिला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद विंध्याचल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फिलहाल किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी है। हालांकि, क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि एक महिला के घर में नकाबपोश गुंडे भेजकर कानून हाथ में लेने वाले अनिल प्रताप सिंह और उनके गुर्गों के खिलाफ तत्काल गंभीर धाराओं में नामजद FIR दर्ज की जाए और पीड़ित माधवी सिंह के परिवार को तत्काल पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। आरोप है कि तथाकथित राजा अनिल प्रताप सिंह के इशारे पर 15 से 20 नकाबपोश गुर्गों ने कोठी परिसर में धावा बोलकर गैरेज में खड़ी गाड़ियां बाहर फेंक दीं। माधवी सिंह ने रोते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

................................... जोर का झटका हाय धीरे से लगा पासपोर्ट शुल्क 1800 वाला पासपोर्ट याब बनेगा 2500 हजार रुपये में तत्काल वाला 5000 हजार रुपये में 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा: नॉर्मल कैटेगरी पासपोर्ट ₹2,500 और तत्काल ₹5,000 में बनेगा, खोने या डैमेज होने पर ₹8,500 तक फीस 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना या री-इश्यू कराना महंगा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट की फीस बढ़ाने का फैसला किया है। 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपए से बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दी गई है। वहीं, तत्काल पासपोर्ट के लिए अब 5,000 रुपए देने होंगे, जो पहले 3,500 रुपए थी। 60 पेज वाले पासपोर्ट की फीस भी बढ़ाई गई है। इसकी सामान्य फीस 2,000 रुपए से बढ़ाकर 3,500 रुपए और तत्काल फीस 4,000 रुपए से बढ़ाकर 6,000 रुपए कर दी गई है। मंत्रालय ने पासपोर्ट रूल्स, 1980 में संशोधन के बाद नई दरों को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किया है। पासपोर्ट खोने या डैमेज होने पर लगेगा सबसे बड़ा चार्ज, नई दरें तय पासपोर्ट के अलावा खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नया पासपोर्ट, पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) और सरेंडर सर्टिफिकेट जैसी सेवाओं के शुल्क भी बढ़ाए गए हैं। अगर आपका 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है, तो नॉर्मल प्रोसेसिंग के तहत उसे दोबारा बनवाने के लिए 5,000 रुपए देने होंगे, जबकि तत्काल में यह खर्च 7,500 रुपए तक पहुंच जाएगा। इसी तरह, 60 पन्नों वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 6,000 रुपए और तत्काल के लिए 8,500 रुपए की फीस तय की गई है। माइनर यानी बच्चों के रिप्लेसमेंट के लिए भी अलग नियम नाबालिग आवेदकों के मामले में भी यदि 36 पन्नों का पासपोर्ट खो जाता है या डैमेज हो जाता है, तो उसे बदलवाने के लिए नॉर्मल कैटेगरी में 4,250 रुपए खर्च करने होंगे। वहीं, यदि माता-पिता अपने बच्चे का खोया हुआ पासपोर्ट तत्काल सेवा के जरिए जल्द बनवाना चाहते हैं, तो उन्हें 6,750 रुपए की फीस चुकानी होगी। पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं, पहले जैसे ही रहेंगे नियम फीस बढ़ाने के साथ ही सरकार ने नियमों में वैधता की स्थिति को भी स्पष्ट किया है। वयस्क आवेदकों के लिए जारी किए गए पासपोर्ट की वैधता पहले की तरह अधिकतम 10 वर्ष तक रहेगी। वहीं, नाबालिगों को जारी किए जाने वाले पासपोर्ट की वैधता 5 वर्ष या उनके 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) मान्य रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है

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