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फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग यूपी के कानपुर में एक बड़ा स्कूल खोलना चाहते हैं.

फेसबुक के मालिक मार्क जुकरबर्ग यूपी के कानपुर में एक बड़ा स्कूल खोलना चाहते हैं.
इस काम के लिए मार्क जुकरबर्ग ने कानपुर की एक रिटायर टीचर से संपर्क किया.
फेसबुक पर मैसेज भेजकर मार्क ने अपनी दिल की चाहत बताई. रिटायर टीचर को स्कूल का मैनेजमेंट सौंप देने की बात तय हुई.
फिर मार्क ने टीचर को बताया- मैनेजमेंट का काम मिलने से पहले प्रोसेसिंग फीस लगेगी. आपका ये पैसा इनवेस्टमेंट है. जब भी आप स्कूल का काम छोड़ेंगी, वो पैसा आपको मिल जाएगा.
इतना बड़ा काम हो रहा है, इंटरनेशनल स्कूल का मैनेजमेंट करना है, ये सोचकर रिटायर टीचर ने प्रोसेसिंग फीस जमा करा दी. 

फीस जमा होने के बाद मार्क जुकरबर्ग के पास काम बढ़ गया. पहले मार्क भाई घंटों स्कूल की प्लानिंग कर रहे थे, अब मिनट और सेकंड भी बात न करते. धीरे-धीरे मार्क ने जवाब देना भी बंद कर दिया.
कुछ दिन बाद एलन मस्क के सहयोगी, जो कि मार्क जुकरबर्ग के अच्छे दोस्त हैं, उन्होंने टीचर से संपर्क किया.
बताया कि स्कूल का प्लान ड्रॉप हो गया, मार्क को झिझक है इसलिए वो ये बात नहीं बता रहा है. हम आपका पैसा लौटा रहे हैं. 
टीचर को बताया गया कि FedEx कंपनी से आपका पैसा भेजा जा रहा है. टीचर से इसके लिए शिपिंग चार्ज, कस्टम चार्ज, वाहन मरम्मत, पैकेज रिलीज और ऑपरेशनल कंप्लायंस फीस के नाम पर रुपए लिए गए.
इसके बाद एलन मस्क का सहयोगी जो कि मार्क का अच्छा दोस्त है, वो भी गायब हो गया.
फिर 'ऑनलाइन स्कैम रिपोर्टिंग सेंटर इंडिया' नाम के अकाउंट से मैसेज आया. मैसेज करने वाले ने खुद को वकील बताया और कहा कि आपका पैसा हमने ट्रेस कर लिया है.
फिलहाल ये पैसा विजडम कैपिटल में इन्वेस्ट है, जो कि 2.23 करोड़ दिखा रहा है. इस पैसे को निकालने के लिए टैक्स, वेरिफिकेशन फीस, स्टांप ड्यूटी, रीबैलेंसिंग फीस के नाम पर टीचर से पैसे लिए गए.
इसके बाद वकील भी गायब हो गया.
जब इतना सब हो गया, करीब 1.57 करोड़ रुपए चले गए, तब जाकर टीचर को समझ आया कि उनके साथ फ्रॉड हो गया है.
अब पुलिस में मामला दर्ज है, मार्क जुकरबर्ग और एलन मस्क के सहयोगी की तलाश हो रही है.
 

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